Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.57.7-8: कुछ वर्ष पूर्व इक्ष्वाकुवंश के महाबली योद्धा, दशरथपुत्र श्रीमन रामचंद्रजी, जो सम्पूर्ण जगत के राजा हैं, पिता की आज्ञा मानकर धर्ममार्ग का आश्रय लेकर दण्डकारण्य में आये। उनके साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण और उनकी पत्नी विदेहकुमारी सीता भी थीं।॥8॥ | ramayan सर्ग 4.57: अङ्गद का सम्पाति को जटायु के मारे जाने का वृत्तान्त बताना तथा राम-सुग्रीव की मित्रता एवं वालिवध का प्रसंग सुनाकर अपने आमरण उपवास का कारण निवेदन करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ वर्ष पूर्व इक्ष्वाकुवंश के महाबली योद्धा, दशरथपुत्र श्रीमन रामचंद्रजी, जो सम्पूर्ण जगत के राजा हैं, पिता की आज्ञा मानकर धर्ममार्ग का आश्रय लेकर दण्डकारण्य में आये। उनके साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण और उनकी पत्नी विदेहकुमारी सीता भी थीं।॥8॥
‘A few years ago, the mighty warrior of the Ikshvaku dynasty, son of Dasharatha, Shriman Ramchandraji, who is the king of the entire world, came to Dandakaranya, taking refuge in the path of Dharma, in obedience to his father's orders. His younger brother Lakshmana and his wife Videhakumari Sita were also with him.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥