श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 57: अङ्गद का सम्पाति को जटायु के मारे जाने का वृत्तान्त बताना तथा राम-सुग्रीव की मित्रता एवं वालिवध का प्रसंग सुनाकर अपने आमरण उपवास का कारण निवेदन करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  4.57.14 
स राज्ये स्थापितस्तेन सुग्रीवो वानरेश्वर:।
राजा वानरमुख्यानां तेन प्रस्थापिता वयम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
'उन्होंने ही सुग्रीव को बालि के राज्य पर स्थापित किया था। अब सुग्रीव वानरों के स्वामी हैं। वे प्रमुख वानरों के भी राजा हैं। उन्होंने ही हमें सीता की खोज के लिए भेजा है।॥14॥
 
‘He is the one who installed Sugreeva on Vali's kingdom. Now Sugreeva is the lord of the monkeys. He is also the king of the chief monkeys. He has sent us to search for Sita.॥ 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas