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ramayan 4.54.19: लक्ष्मण के बाण भयंकर, अत्यंत वेगवान और दुर्दम्य हैं। यदि तुम राम के कार्य से विमुख होगे, तो मारे बिना कभी नहीं बच सकोगे॥19॥   |   ramayan सर्ग 4.54: हनुमान जी का भेदनीति के द्वारा वानरों को अपने पक्ष में करके अङ्गद को अपने साथ चलने के लिये समझाना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 54: हनुमान जी का भेदनीति के द्वारा वानरों को अपने पक्ष में करके अङ्गद को अपने साथ चलने के लिये समझाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  4.54.19 
न च जातु न हिंस्युस्त्वां घोरा लक्ष्मणसायका:।
अपवृत्तं जिघांसन्तो महावेगा दुरासदा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण के बाण भयंकर, अत्यंत वेगवान और दुर्दम्य हैं। यदि तुम राम के कार्य से विमुख होगे, तो मारे बिना कभी नहीं बच सकोगे॥19॥
 
Lakshman's arrows are fierce, extremely fast and difficult to defeat. If you turn away from Rama's work, you will never be able to escape without being killed.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)