Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.52.6-7: महाबली वानरराज सुग्रीव भगवान राम के मित्र हैं। उन्होंने हमें अंगद आदि प्रमुख योद्धाओं के साथ अगस्त्य ऋषि की सेवा में तथा यमराज द्वारा सुरक्षित दक्षिण दिशा में सीता की खोज के लिए भेजा है। ॥6-7॥ | ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीरस्तस्य सखा राज्ञ: सुग्रीवो नाम वानर:।
राजा वानरमुख्यानां येन प्रस्थापिता वयम्॥ ६॥
अगस्त्यचरितामाशां दक्षिणां यमरक्षिताम्।
सहैभिर्वानरैर्मुख्यैरङ्गदप्रमुखैर्वयम्॥ ७॥
अनुवाद
महाबली वानरराज सुग्रीव भगवान राम के मित्र हैं। उन्होंने हमें अंगद आदि प्रमुख योद्धाओं के साथ अगस्त्य ऋषि की सेवा में तथा यमराज द्वारा सुरक्षित दक्षिण दिशा में सीता की खोज के लिए भेजा है। ॥6-7॥
The great monkey king Sugreeva, a brave monkey, is a friend of Lord Rama. He has sent us, along with the chief warriors like Angad etc, to the south, served by Agastya and protected by Yamaraja, to look for Sita. ॥ 6-7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥