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ramayan 4.52.15: इस प्रकार हम अचानक इस अन्धकारमय गुफा में प्रविष्ट हो गये। यही हमारा कार्य है और इसी उद्देश्य से हम यहाँ आये हैं॥15॥   |   ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  4.52.15 
इदं प्रविष्टा: सहसा बिलं तिमिरसंवृतम्।
एतन्न: कार्यमेतेन कृत्येन वयमागता:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार हम अचानक इस अन्धकारमय गुफा में प्रविष्ट हो गये। यही हमारा कार्य है और इसी उद्देश्य से हम यहाँ आये हैं॥15॥
 
‘This is how we suddenly entered this dark cave. This is our work and for this very purpose we have come here.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)