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ramayan 4.52.11: 'उसी क्षण, चारों ओर देखने पर हमें यह विशाल गुफा दिखाई दी, जो लताओं और वृक्षों से ढकी हुई थी और अंधकार से घिरी हुई थी।   |   ramayan सर्ग 4.52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 52: तापसी स्वयंप्रभा के पूछने पर वानरों का उसे अपना वृत्तान्त बताना और उसके प्रभाव से गुफा के बाहर निकलकर समुद्रतट पर पहुँचना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  4.52.11 
चारयन्तस्ततश्चक्षुर्दृष्टवन्तो महद् बिलम्।
लतापादपसंछन्नं तिमिरेण समावृतम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
'उसी क्षण, चारों ओर देखने पर हमें यह विशाल गुफा दिखाई दी, जो लताओं और वृक्षों से ढकी हुई थी और अंधकार से घिरी हुई थी।
 
‘At that very moment, looking around, we saw this huge cave, which was covered with creepers and trees and was engulfed in darkness.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)