Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.51.7-9h: यहाँ के स्वच्छ जल में स्वर्ण कमल कैसे उग आए? इन सरोवरों की मछलियाँ और कछुए स्वर्णिम कैसे दिखाई देते हैं? क्या यह आपके ही प्रभाव से हुआ है या किसी और के प्रभाव से? किसकी आध्यात्मिक शक्ति इसके लिए उत्तरदायी है? हम सब अज्ञानी हैं, इसीलिए पूछ रहे हैं। कृपा करके हमें सब कुछ बताने की कृपा करें।॥ 7-8 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.51: हनुमान जी के पूछने पर वृद्धा तापसी का अपना तथा उस दिव्य स्थान का परिचय देकर सब वानरों को भोजन के लिये कहना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काञ्चनानि च पद्मानि जातानि विमले जले॥ ७॥
कथं मत्स्याश्च सौवर्णा दृश्यन्ते सह कच्छपै:।
आत्मनस्त्वनुभावाद् वा कस्य चैतत्तपोबलम्॥ ८॥
अजानतां न: सर्वेषां सर्वमाख्यातुमर्हसि।
अनुवाद
यहाँ के स्वच्छ जल में स्वर्ण कमल कैसे उग आए? इन सरोवरों की मछलियाँ और कछुए स्वर्णिम कैसे दिखाई देते हैं? क्या यह आपके ही प्रभाव से हुआ है या किसी और के प्रभाव से? किसकी आध्यात्मिक शक्ति इसके लिए उत्तरदायी है? हम सब अज्ञानी हैं, इसीलिए पूछ रहे हैं। कृपा करके हमें सब कुछ बताने की कृपा करें।॥ 7-8 1/2॥
‘How did golden lotuses grow in the crystal clear water here? How do the fishes and turtles in these lakes look golden? Has this happened due to your own influence or someone else's? Whose spiritual power is responsible for this? We are all ignorant; that is why we are asking. Please be kind enough to tell us everything.'॥ 7-8 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥