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श्लोक 4.51.19  |
शुचीन्यभ्यवहाराणि मूलानि च फलानि च।
भुक्त्वा पीत्वा च पानीयं सर्वं मे वक्तुमर्हसि॥ १९॥ |
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| अनुवाद |
| अच्छा, यह शुद्ध अन्न, फल-मूल आदि हैं। इन्हें खाओ और जल पियो। फिर मुझे अपना सब वृत्तांत बताओ।॥19॥ |
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| Okay, here are pure food and fruits and roots. Eat them and drink water. Then tell me your whole story.'॥ 19॥ |
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इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये किष्किन्धाकाण्डे एकपञ्चाश: सर्ग: ॥ ५ १॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके किष्किन्धाकाण्डमें इक्यावनवाँ सर्ग पूरा हुआ ॥ ५ १॥ |
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