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ramayan 4.51.10-11h: श्रेष्ठ वानर! तुमने मायाविशारद, महातेजस्वी मायका का नाम तो सुना ही होगा। उसने अपनी माया के प्रभाव से इस सम्पूर्ण स्वर्णमय वन की रचना की थी। 10 1/2॥   |   ramayan सर्ग 4.51: हनुमान जी के पूछने पर वृद्धा तापसी का अपना तथा उस दिव्य स्थान का परिचय देकर सब वानरों को भोजन के लिये कहना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 51: हनुमान जी के पूछने पर वृद्धा तापसी का अपना तथा उस दिव्य स्थान का परिचय देकर सब वानरों को भोजन के लिये कहना  »  श्लोक 10-11h
 
 
श्लोक  4.51.10-11h 
मयो नाम महातेजा मायावी वानरर्षभ॥ १०॥
तेनेदं निर्मितं सर्वं मायया काञ्चनं वनम्।
 
 
अनुवाद
श्रेष्ठ वानर! तुमने मायाविशारद, महातेजस्वी मायका का नाम तो सुना ही होगा। उसने अपनी माया के प्रभाव से इस सम्पूर्ण स्वर्णमय वन की रचना की थी। 10 1/2॥
 
The best monkey! You must have heard the name Mayavishard, Mahatejasvi Mayka. He had created this entire golden forest with the influence of his magic. 10 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)