Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.50.5-7: तदनन्तर, गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गन्धमादन, मैन्द, द्विविद, हनुमान, जाम्बवान, राजकुमार अंगद और वनवासी वानर तारा - ये तीनों एक-दूसरे से थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रहकर पर्वत-श्रेणियों से घिरे दक्षिण के देशों में सीता की खोज करने लगे। खोजते-खोजते उन्हें वहाँ एक गुफा दिखाई दी, जिसका द्वार बंद नहीं था। | ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर, गज, गवाक्ष, गव्य, शरभ, गन्धमादन, मैन्द, द्विविद, हनुमान, जाम्बवान, राजकुमार अंगद और वनवासी वानर तारा - ये तीनों एक-दूसरे से थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रहकर पर्वत-श्रेणियों से घिरे दक्षिण के देशों में सीता की खोज करने लगे। खोजते-खोजते उन्हें वहाँ एक गुफा दिखाई दी, जिसका द्वार बंद नहीं था।
Then, staying separately at a little distance from each other, Gaj, Gavaksha, Gavya, Sharabha, Gandhamadan, Maind, Dvivida, Hanuman, Jambvan, Prince Angad and the forest dwelling monkey Tara - they started searching for Sita in the countries to the south which were surrounded by mountain ranges. While searching, they saw a cave there, whose door was not closed. 5-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥