| श्रीमद् वाल्मीकि रामायण » काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड » सर्ग 50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना » श्लोक 25-26h |
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| | | | श्लोक 4.50.25-26h  | सालांस्तालांस्तमालांश्च पुंनागान् वञ्जुलान् धवान्॥ २५॥
चम्पकान् नागवृक्षांश्च कर्णिकारांश्च पुष्पितान्। | | | | | | अनुवाद | | साल, ताल, तमाल, नागकेसर, अशोक, धव, चम्पा, नागवृक्ष और कनेर- ये सभी वृक्ष फूलों से लदे हुए थे। | | | | Sal, Tal, Tamal, Nagkesar, Ashok, Dhav, Champa, Nagvriksha and Kaner - all these trees were full of flowers. | | ✨ ai-generated | | |
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