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ramayan 4.50.10-11: फिर जब वे सभी महावानर उस दुर्गम सुगंधित गुफा के पास गए, तो उन्हें आश्चर्य हुआ। उन्हें संदेह हुआ कि उस गुफा के अंदर पानी है।   |   ramayan सर्ग 4.50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 50: भूखे-प्यासे वानरों का एक गुफा में घुसकर वहाँ दिव्य वृक्ष, दिव्य सरोवर, दिव्य भवन तथा एक वृद्धा तपस्विनी को देखना और हनुमान जी का उसका परिचय पूछना  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  4.50.10-11 
ततस्तद् बिलमासाद्य सुगन्धि दुरतिक्रमम्॥ १०॥
विस्मयव्यग्रमनसो बभूवुर्वानरर्षभा:।
संजातपरिशङ्कास्ते तद् बिलं प्लवगोत्तमा:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
फिर जब वे सभी महावानर उस दुर्गम सुगंधित गुफा के पास गए, तो उन्हें आश्चर्य हुआ। उन्हें संदेह हुआ कि उस गुफा के अंदर पानी है।
 
Then all those great monkeys were astonished when they went near that fragrant and difficult to reach cave. They suspected that there was water inside that hole.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)