Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.5.14-15h: तत्पश्चात उस अग्नि को प्रज्वलित करके उन्होंने पुष्पों से अग्निदेव की आदरपूर्वक पूजा की; फिर एकाग्र मन से उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक उस अग्नि को श्री राम और सुग्रीव के बीच साक्षी मानकर स्थापित कर दिया॥14 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.5: श्रीराम और सुग्रीव की मैत्री तथा श्रीराम द्वारा वालि वध की प्रतिज्ञा । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात उस अग्नि को प्रज्वलित करके उन्होंने पुष्पों से अग्निदेव की आदरपूर्वक पूजा की; फिर एकाग्र मन से उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक उस अग्नि को श्री राम और सुग्रीव के बीच साक्षी मानकर स्थापित कर दिया॥14 1/2॥
After that, after lighting that fire, he respectfully worshiped Agnidev with flowers; Then, with a concentrated mind, he happily established that fire between Shri Ram and Sugriva as a witness. 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥