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ramayan 4.49.20: पृथ्वी पर उतरने के बाद सभी बंदर अत्यधिक थकान के कारण बेहोश हो गए, एक पेड़ के नीचे चले गए और दो घंटे तक वहीं बैठे रहे।   |   ramayan सर्ग 4.49: अङ्गद और गन्धमादन के आश्वासन देने पर वानरों का पुनः उत्साह पूर्वक अन्वेषण-कार्य में प्रवृत्त होना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 49: अङ्गद और गन्धमादन के आश्वासन देने पर वानरों का पुनः उत्साह पूर्वक अन्वेषण-कार्य में प्रवृत्त होना  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  4.49.20 
अवरुह्य ततो भूमिं श्रान्ता विगतचेतस:।
स्थिता मुहूर्तं तत्राथ वृक्षमूलमुपाश्रिता:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
पृथ्वी पर उतरने के बाद सभी बंदर अत्यधिक थकान के कारण बेहोश हो गए, एक पेड़ के नीचे चले गए और दो घंटे तक वहीं बैठे रहे।
 
After descending to the earth all the monkeys became unconscious due to excessive fatigue, went under a tree and sat there for two hours.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)