Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.48.18-19h: उस भयंकर राक्षस को अपने सामने पर्वत के समान खड़ा देखकर सभी वानरों ने अपने ढीले वस्त्र कस लिए और वे सभी उस पर्वतरूपी राक्षस से युद्ध करने के लिए तैयार हो गए।   |   ramayan सर्ग 4.48: दक्षिण दिशा में गये हुए वानरों का सीता की खोज आरम्भ करना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 48: दक्षिण दिशा में गये हुए वानरों का सीता की खोज आरम्भ करना  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  4.48.18-19h 
तं दृष्ट्वा वानरा घोरं स्थितं शैलमिवासुरम्॥ १८॥
गाढं परिहिता: सर्वे दृष्ट्वा तं पर्वतोपमम्।
 
 
अनुवाद
उस भयंकर राक्षस को अपने सामने पर्वत के समान खड़ा देखकर सभी वानरों ने अपने ढीले वस्त्र कस लिए और वे सभी उस पर्वतरूपी राक्षस से युद्ध करने के लिए तैयार हो गए।
 
Seeing that fierce demon standing before them like a mountain, all the monkeys tightened their loose clothes and all of them got ready to fight with that mountain-like demon. 18 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)