Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.48.13-14h: उस वन में उनका एक बालक, जो दस वर्ष का था, किसी कारणवश मर गया। इससे क्रोधित होकर वे महर्षि उस वन में ही अपना प्राण त्यागने को तत्पर हो गए॥13 1/2॥ | ramayan सर्ग 4.48: दक्षिण दिशा में गये हुए वानरों का सीता की खोज आरम्भ करना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस वन में उनका एक बालक, जो दस वर्ष का था, किसी कारणवश मर गया। इससे क्रोधित होकर वे महर्षि उस वन में ही अपना प्राण त्यागने को तत्पर हो गए॥13 1/2॥
In that forest, one of his children, who was ten years old, died due to some reason. Enraged by this, the great sage became ready to end his life in that forest.॥ 13 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥