श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 47: पूर्व आदि तीन दिशाओं में गये हुए वानरों का निराश होकर लौट आना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  4.47.7 
विचित्य तु दिशं पूर्वां यथोक्तां सचिवै: सह।
अदृष्ट्वा विनत: सीतामाजगाम महाबल:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
महाबली विनत ने अपने मंत्रियों के साथ पूर्व निर्देशानुसार पूर्व दिशा में खोज की और सीता को वहां न पाकर किष्किन्धा लौट आये।
 
Mahabali Vinaat, along with his ministers, searched in the east as instructed earlier and after not finding Sita there, returned to Kishkinda.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)