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ramayan 4.46.6: 'तभी पूरी गुफा तेजी से बहते हुए रक्त की धारा से भर गई। यह देखकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ और अपने भाई के दुःख से मुझे बहुत दुःख हुआ।   |   ramayan सर्ग 4.46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  4.46.6 
तत: क्षतजवेगेन आपुपूरे तदा बिलम्।
तदहं विस्मितो दृष्ट्वा भ्रातु: शोकविषार्दित:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
'तभी पूरी गुफा तेजी से बहते हुए रक्त की धारा से भर गई। यह देखकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ और अपने भाई के दुःख से मुझे बहुत दुःख हुआ।
 
‘Then the entire cave was filled with a stream of blood flowing rapidly. I was very surprised to see this and I was deeply saddened by the grief of my brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)