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ramayan 4.46.3-4: ‘जब वालि भैंसे का रूप धारण करके दुन्दुभि* राक्षस (उसका पुत्र मायावी) का पीछा कर रहा था, तब वह भैंसा मलय पर्वत की ओर दौड़कर उस पर्वत की गुफा में घुस गया। यह देखकर वालि उसे मारने की इच्छा से उस गुफा में घुस गया।॥3-4॥   |   ramayan सर्ग 4.46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 46: सुग्रीव का श्रीरामचन्द्रजी को अपने भूमण्डल-भ्रमण का वृत्तान्त बताना  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  4.46.3-4 
यदा तु दुन्दुभिं नाम दानवं महिषाकृतिम्।
प्रतिकालयते वाली मलयं प्रति पर्वतम्॥ ३॥
तदा विवेश महिषो मलयस्य गुहां प्रति।
विवेश वाली तत्रापि मलयं तज्जिघांसया॥ ४॥
 
 
अनुवाद
‘जब वालि भैंसे का रूप धारण करके दुन्दुभि* राक्षस (उसका पुत्र मायावी) का पीछा कर रहा था, तब वह भैंसा मलय पर्वत की ओर दौड़कर उस पर्वत की गुफा में घुस गया। यह देखकर वालि उसे मारने की इच्छा से उस गुफा में घुस गया।॥3-4॥
 
‘When Vali was chasing the demon Dundubhi* (his son Mayaavi) in the form of a buffalo, the buffalo ran towards the Malaya mountain and entered the cave of that mountain. Seeing this, Vali entered that cave with the desire to kill him.॥ 3-4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)