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इदानीं मे स्मृतं राजन् यथा वाली हरीश्वर:॥ २१॥
मतङ्गेन तदा शप्तो ह्यस्मिन्नाश्रममण्डले।
प्रविशेद् यदि वै वाली मूर्धास्य शतधा भवेत्॥ २२॥
अनुवाद
"राजन्! इस समय मुझे वह घटना याद आ गई है जिसमें मातंगे मुनि ने उन दिनों वानरराज वालि को श्राप दिया था कि यदि वालि इस आश्रम में प्रवेश करेगा तो उसका सिर सैकड़ों टुकड़ों में टूट जाएगा।
"King! At this time I have remembered the incident in which Matange Muni had cursed the monkey king Vali in those days that if Vali enters this hermitage, his head will be broken into hundreds of pieces.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥