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श्लोक 4.43.60  |
सर्वमेतद् विचेतव्यं यन्मया परिकीर्तितम्।
यदन्यदपि नोक्तं च तत्रापि क्रियतां मति:॥ ६०॥ |
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| अनुवाद |
| मेरे द्वारा बताए गए सभी स्थानों में सीता की खोज करो और उन स्थानों में भी उनकी खोज करने का दृढ़ निश्चय करो जिनका मैंने नाम नहीं लिया है॥ 60॥ |
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| Search for Sita in all the places I have mentioned and be determined to search for her even in the places I have not named.॥ 60॥ |
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