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ramayan 4.43.53: उस देश को पार करके आगे बढ़ने पर उत्तर दिशा में समुद्र मिलेगा। उस समुद्र के मध्य में सोमगिरि नामक एक बहुत ऊँचा सुवर्णमय पर्वत है। 53।   |   ramayan सर्ग 4.43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.43.53 
समतिक्रम्य तं देशमुत्तर: पयसां निधि:।
तत्र सोमगिरिर्नाम मध्ये हेममयो महान्॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
उस देश को पार करके आगे बढ़ने पर उत्तर दिशा में समुद्र मिलेगा। उस समुद्र के मध्य में सोमगिरि नामक एक बहुत ऊँचा सुवर्णमय पर्वत है। 53।
 
‘After crossing that country and moving ahead, one will reach the sea to the north. In the middle of that sea, there is a very high golden mountain called Somgiri. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)