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ramayan 4.43.49: वहाँ सूर्य के समान तेजस्वी गन्धर्व, किन्नर, सिद्ध, नाग और विद्याधर स्त्रियों के साथ सदा क्रीड़ा और रमण करते रहते हैं॥49॥   |   ramayan सर्ग 4.43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.43.49 
गन्धर्वा: किन्नरा: सिद्धा नागा विद्याधरास्तथा।
रमन्ते सततं तत्र नारीभिर्भास्वरप्रभा:॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ सूर्य के समान तेजस्वी गन्धर्व, किन्नर, सिद्ध, नाग और विद्याधर स्त्रियों के साथ सदा क्रीड़ा और रमण करते रहते हैं॥49॥
 
There, Gandharvas, as radiant as the sun, Kinnaras, Siddhas, Nagas and Vidyadhars always play and frolic with women. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)