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ramayan 4.43.41: वह क्षेत्र सब ओर से बहुमूल्य रत्नों के समान पत्तों वाले विविध नीले कमलों और सोने के समान चमकने वाले केसर के फूलों से सुशोभित है॥ 41॥   |   ramayan सर्ग 4.43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  4.43.41 
महार्हमणिपत्रैश्च काञ्चनप्रभकेसरै:।
नीलोत्पलवनैश्चित्रै: स देश: सर्वतो वृत:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
वह क्षेत्र सब ओर से बहुमूल्य रत्नों के समान पत्तों वाले विविध नीले कमलों और सोने के समान चमकने वाले केसर के फूलों से सुशोभित है॥ 41॥
 
The region is adorned on all sides by various blue lotuses having leaves like precious gems and saffron flowers shining like gold.॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)