श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  4.43.37 
तं तु देशमतिक्रम्य शैलोदा नाम निम्नगा।
उभयोस्तीरयोस्तस्या: कीचका नाम वेणव:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उस क्षेत्र को पार करके आगे बढ़ने पर शैलोदा नाम की एक नदी मिलेगी, जिसके दोनों तटों पर कीचक (बांस की ध्वनि करने वाला एक वृक्ष) बांस विद्यमान हैं, ऐसा सर्वविदित है॥37॥
 
‘After crossing that region and moving ahead, one will come across a river named Shailoda. It is well known that there are Keechak (a bamboo tree that makes a flute-like sound) bamboos on both its banks.॥ 37॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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