Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.43.19: वहाँ से आगे बढ़ने पर तुम्हें एक निर्जन मैदान मिलेगा, जो चारों ओर सौ योजन तक फैला हुआ है। वहाँ न तो नदी है, न पर्वत, न वृक्ष और न ही किसी प्रकार के जीव-जंतु हैं॥19॥ | ramayan सर्ग 4.43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ से आगे बढ़ने पर तुम्हें एक निर्जन मैदान मिलेगा, जो चारों ओर सौ योजन तक फैला हुआ है। वहाँ न तो नदी है, न पर्वत, न वृक्ष और न ही किसी प्रकार के जीव-जंतु हैं॥19॥
‘On moving ahead from there, you will find a desolate plain, which is spread over a hundred yojanas on all sides. There is no river, mountain, tree and any kind of living creatures there.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥