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ramayan 4.43.14: फिर देवताओं और गंधर्वों से सेवित सोमश्रम से होते हुए काल नामक पर्वत पर जाओ, जिसकी चोटी बहुत ऊँची है।   |   ramayan सर्ग 4.43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.43.14 
तत: सोमाश्रमं गत्वा देवगन्धर्वसेवितम्।
कालं नाम महासानुं पर्वतं तं गमिष्यथ॥ १४॥
 
 
अनुवाद
फिर देवताओं और गंधर्वों से सेवित सोमश्रम से होते हुए काल नामक पर्वत पर जाओ, जिसकी चोटी बहुत ऊँची है।
 
Then passing through the Somashram served by the gods and Gandharvas, go to the mountain called Kaal which has a high peak.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)