श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 43: सुग्रीव का उत्तर दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए शतबलि आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  4.43.13 
लोध्रपद्मकषण्डेषु देवदारुवनेषु च।
रावण: सह वैदेह्या मार्गितव्यस्ततस्तत:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वहाँ लोध्र और पद्मक वृक्षों की झाड़ियों में तथा देवदारु के वनों में वैदेही सहित रावण को खोजना चाहिए॥13॥
 
There one should search for Ravana along with Vaidehi in the bushes of Lodhra and Padmaka trees and in the forests of Deodaru.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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