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श्लोक 4.43.13  |
लोध्रपद्मकषण्डेषु देवदारुवनेषु च।
रावण: सह वैदेह्या मार्गितव्यस्ततस्तत:॥ १३॥ |
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| अनुवाद |
| वहाँ लोध्र और पद्मक वृक्षों की झाड़ियों में तथा देवदारु के वनों में वैदेही सहित रावण को खोजना चाहिए॥13॥ |
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| There one should search for Ravana along with Vaidehi in the bushes of Lodhra and Padmaka trees and in the forests of Deodaru.॥ 13॥ |
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