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ramayan 4.42.53: 'एक महीने से ज़्यादा मत रुकना। जो रुकेगा उसे मैं मृत्युदंड दूँगी। मेरे पूज्य ससुर भी तुम्हारे साथ जाएँगे।' 53.   |   ramayan सर्ग 4.42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.42.53 
ऊर्ध्वं मासान्न वस्तव्यं वसन् वध्यो भवेन्मम।
सहैव शूरो युष्माभि: श्वशुरो मे गमिष्यति॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
'एक महीने से ज़्यादा मत रुकना। जो रुकेगा उसे मैं मृत्युदंड दूँगी। मेरे पूज्य ससुर भी तुम्हारे साथ जाएँगे।' 53.
 
‘Do not stay for more than a month. Whoever stays will be given the death penalty by me. My respected father-in-law will also go with you. 53.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)