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ramayan 4.42.24: 'तुम वहाँ भी जानकी की खोज करो और उन्हें ढूँढ़ने का पूरा प्रयत्न करो। स्वाभाविक वानरों के स्वभाव का पालन करने वाले तुम्हारी सेना के वीरों को उन गन्धर्वों से कोई भय नहीं है।' 24.   |   ramayan सर्ग 4.42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  4.42.24 
तत्र यत्नश्च कर्तव्यो मार्गितव्या च जानकी।
नहि तेभ्यो भयं किंचित् कपित्वमनुवर्तताम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
'तुम वहाँ भी जानकी की खोज करो और उन्हें ढूँढ़ने का पूरा प्रयत्न करो। स्वाभाविक वानरों के स्वभाव का पालन करने वाले तुम्हारी सेना के वीरों को उन गन्धर्वों से कोई भय नहीं है।' 24.
 
‘You should search for Janaki there too and make every effort to locate her. The heroes of your army, who follow the nature of natural monkeys, have no fear from those Gandharvas. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)