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ramayan 4.42.23: क्योंकि वे महाबली और वीर गंधर्व, जो महान बल और पराक्रम से संपन्न हैं, वहाँ के फलों और मूल की रक्षा करते हैं। उन्हें पराजित करना बहुत कठिन है॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 4.42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 42: सुग्रीव का पश्चिम दिशा के स्थानों का परिचय देते हुए सुषेण आदि वानरों को वहाँ भेजना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  4.42.23 
दुरासदा हि ते वीरा: सत्त्ववन्तो महाबला:।
फलमूलानि ते तत्र रक्षन्ते भीमविक्रमा:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
क्योंकि वे महाबली और वीर गंधर्व, जो महान बल और पराक्रम से संपन्न हैं, वहाँ के फलों और मूल की रक्षा करते हैं। उन्हें पराजित करना बहुत कठिन है॥ 23॥
 
Because those mighty and brave Gandharvas, endowed with tremendous strength and valour, protect the fruits and roots there. It is very difficult to defeat them.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)