श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 39: श्रीरामचन्द्रजी का सुग्रीव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना तथा विभिन्न वानरयूथपतियों का अपनी सेनाओं के साथ  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  4.39.29 
तत: कोटिसहस्राणां सहस्रेण शतेन च।
पृष्ठतोऽनुगत: प्राप्तो हरिभिर्गन्धमादन:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद युथपति गंधमादन प्रकट हुए। उनके पीछे वानरों की सेना आई ॥29॥
 
After this Yuthapati Gandhamadan appeared. An army of monkeys came behind them. 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)