श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 38: सुग्रीव का भगवान श्रीराम के चरणों में प्रणाम, सुग्रीव का अपने किये हुए सैन्य संग्रह विषयक उद्योग को बताना और उसे सुनकर श्रीराम का प्रसन्न होना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  4.38.9-10h 
श्रुत्वा तु वचनं तस्य हरय: शीघ्रविक्रमा:॥ ९॥
समुपस्थापयामासु: शिबिकां प्रियदर्शनाम्।
 
 
अनुवाद
उनके शब्द सुनकर वे तीव्रगामी वानरों ने एक सुन्दर पालकी वहाँ लायी।
 
On hearing his words the swift monkeys brought a beautiful palanquin there. 9 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)