किष्किन्धाया विनिष्क्राम यदि ते सौम्य रोचते।
तस्य तद् वचनं श्रुत्वा लक्ष्मणस्य सुभाषितम्॥ ४॥
सुग्रीव: परमप्रीतो वाक्यमेतदुवाच ह।
अनुवाद
सौम्य! यदि तुम्हारी रुचि हो, तो अभी किष्किन्धा से चले जाओ।’ लक्ष्मण का यह सुन्दर वचन सुनकर सुग्रीव अत्यन्त प्रसन्न हुए और इस प्रकार बोले-॥4 1/2॥
Soumya! If you are interested, then get out of Kishkinda now.' Hearing this beautiful statement of Lakshman, Sugreeva became very happy and spoke thus -॥ 4 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥