Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.38.2: अपना कार्य पूरा करके लौटे हुए हजारों वानरों को विदा करके सुग्रीव ने अपने को कृतार्थ समझा और महाबली श्री रघुनाथ का कार्य भी पूरा हो गया।   |   ramayan सर्ग 4.38: सुग्रीव का भगवान श्रीराम के चरणों में प्रणाम, सुग्रीव का अपने किये हुए सैन्य संग्रह विषयक उद्योग को बताना और उसे सुनकर श्रीराम का प्रसन्न होना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 38: सुग्रीव का भगवान श्रीराम के चरणों में प्रणाम, सुग्रीव का अपने किये हुए सैन्य संग्रह विषयक उद्योग को बताना और उसे सुनकर श्रीराम का प्रसन्न होना  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  4.38.2 
विसर्जयित्वा स हरीन् सहस्रान् कृतकर्मण:।
मेने कृतार्थमात्मानं राघवं च महाबलम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
अपना कार्य पूरा करके लौटे हुए हजारों वानरों को विदा करके सुग्रीव ने अपने को कृतार्थ समझा और महाबली श्री रघुनाथ का कार्य भी पूरा हो गया।
 
After bidding farewell to the thousands of monkeys who had returned after completing their task, Sugreeva considered himself fulfilled and the task of the mighty Sri Raghunatha also was accomplished.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)