श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 38: सुग्रीव का भगवान श्रीराम के चरणों में प्रणाम, सुग्रीव का अपने किये हुए सैन्य संग्रह विषयक उद्योग को बताना और उसे सुनकर श्रीराम का प्रसन्न होना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  4.38.19-20h 
परिष्वज्य च धर्मात्मा निषीदेति ततोऽब्रवीत्॥ १९॥
निषण्णं तं ततो दृष्ट्वा क्षितौ रामोऽब्रवीत् तत:।
 
 
अनुवाद
धर्मात्मा श्री राम ने उसे गले लगाकर कहा, "बैठ जाओ।" उसे पृथ्वी पर बैठा देखकर श्री राम बोले,
 
Embracing him, the righteous Shri Ram said to him, "Sit down." Seeing him sitting on the earth, Shri Ram said,
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)