Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 4.37.33: उन श्रेष्ठ वानरों ने पृथ्वी के समस्त वानरों को तुरन्त चलने का आदेश दिया और उनकी युवावस्था आने से पहले ही वे सुग्रीव के पास पहुँच गए॥33॥   |   ramayan सर्ग 4.37: सुग्रीव का हनुमान् जी को वानरसेना के संग्रह के लिये दोबारा दूत भेजने की आज्ञा देना, समस्त वानरों का किष्किन्धा के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 37: सुग्रीव का हनुमान् जी को वानरसेना के संग्रह के लिये दोबारा दूत भेजने की आज्ञा देना, समस्त वानरों का किष्किन्धा के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  4.37.33 
ते तु सर्वे हरिवरा: पृथिव्यां सर्ववानरान्।
संचोदयित्वा त्वरितं यूथानां जग्मुरग्रत:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
उन श्रेष्ठ वानरों ने पृथ्वी के समस्त वानरों को तुरन्त चलने का आदेश दिया और उनकी युवावस्था आने से पहले ही वे सुग्रीव के पास पहुँच गए॥33॥
 
Those best monkeys ordered all the monkeys of the earth to move immediately and came to Sugriva before their youth could reach them. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)