श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 37: सुग्रीव का हनुमान् जी को वानरसेना के संग्रह के लिये दोबारा दूत भेजने की आज्ञा देना, समस्त वानरों का किष्किन्धा के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  4.37.22 
कैलासशिखरेभ्यश्च सिंहकेसरवर्चसाम्।
तत: कोटिसहस्राणि वानराणां समागमन्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
कैलाश पर्वत की चोटियों से दस अरब वानर निकले, जिनका रंग सिंह के अयाल के समान श्वेत था।
 
From the peaks of Kailash came ten billion monkeys with white complexion like the mane of a lion. 22
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)