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ramayan 4.36.9: लक्ष्मण! जिसके धनुष को खींचने पर पर्वतों सहित पृथ्वी हिल जाती थी, उसे सहायकों से क्या लेना-देना?॥9॥   |   ramayan सर्ग 4.36: सुग्रीव का अपनी लघुता तथा श्रीराम की महत्ता बताते हए लक्ष्मण से क्षमा माँगना और लक्ष्मण का उनकी प्रशंसा करके उन्हें अपने साथ चलने के लिये कहना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 36: सुग्रीव का अपनी लघुता तथा श्रीराम की महत्ता बताते हए लक्ष्मण से क्षमा माँगना और लक्ष्मण का उनकी प्रशंसा करके उन्हें अपने साथ चलने के लिये कहना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  4.36.9 
धनुर्विस्फारमाणस्य यस्य शब्देन लक्ष्मण।
सशैला कम्पिता भूमि: सहायै: किं नु तस्य वै॥ ९॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! जिसके धनुष को खींचने पर पर्वतों सहित पृथ्वी हिल जाती थी, उसे सहायकों से क्या लेना-देना?॥9॥
 
Laxmana! What does he, whose bow shook the earth along with the mountains when he drew it, have to do with helpers?॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)