Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.31.25: किसी में दस हाथियों का बल था, किसी में सौ हाथियों के समान बल था और किसी में हजार हाथियों के समान बल (बल और पराक्रम) था॥ 25॥ | ramayan सर्ग 4.31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
किसी में दस हाथियों का बल था, किसी में सौ हाथियों के समान बल था और किसी में हजार हाथियों के समान बल (बल और पराक्रम) था॥ 25॥
Some had the strength of ten elephants, some were as strong as a hundred elephants, and some had the strength (strength and valour) equal to that of a thousand elephants.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥