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ramayan 4.31.23: तभी सचिव के आदेश से पहाड़, हाथी और बादल जितने बड़े और रोंगटे खड़े करने वाले विशालकाय बंदर नगर से बाहर आ गए।   |   ramayan सर्ग 4.31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 31: सुग्रीव पर लक्ष्मण का रोष, लक्ष्मण का किष्किन्धा के द्वार पर जाकर अङ्गद को सुग्रीव के पास भेजना, प्लक्ष और प्रभाव का सुग्रीव को कर्तव्य का उपदेश देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  4.31.23 
तत: सचिवसंदिष्टा हरयो रोमहर्षणा:।
गिरिकुञ्जरमेघाभा नगरान्निर्ययुस्तदा॥ २३॥
 
 
अनुवाद
तभी सचिव के आदेश से पहाड़, हाथी और बादल जितने बड़े और रोंगटे खड़े करने वाले विशालकाय बंदर नगर से बाहर आ गए।
 
Then, by the order of the secretary, huge monkeys, as big as mountains, elephants and clouds and with goosebumps in their faces, came out of the city.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)