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ramayan 4.30.81: सुग्रीव! बालि के मारे जाने के बाद जिस मार्ग पर वह चला था, वह आज भी बंद नहीं हुआ है। अतः तुम्हें अपने वचन पर अडिग रहना चाहिए। बालि के मार्ग पर मत चलो। 81.   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  4.30.81 
न स संकुचित: पन्था येन वाली हतो गत:।
समये तिष्ठ सुग्रीव मा वालिपथमन्वगा:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
सुग्रीव! बालि के मारे जाने के बाद जिस मार्ग पर वह चला था, वह आज भी बंद नहीं हुआ है। अतः तुम्हें अपने वचन पर अडिग रहना चाहिए। बालि के मार्ग पर मत चलो। 81.
 
Sugreeva! The path that Vali took after being killed has not been closed even today. Therefore, you should stick to your promise. Do not follow Vali's path. 81.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)