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श्लोक  4.30.76 
काममेवंगतेऽप्यस्य परिज्ञाते पराक्रमे।
त्वत्सहायस्य मे वीर न चिन्ता स्यान्नृपात्मज॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
वीर राजकुमार! सुग्रीव मेरे पराक्रम से परिचित है, जिसके पास आप जैसा सहायक है। ऐसी स्थिति में भी यदि उसे यह चिंता न हो कि यह बालि की तरह मुझे भी मार सकता है, तो यह आश्चर्य की बात है।
 
Valiant prince! Sugreeva is aware of my prowess, who has a helper like you. Even in such a situation, if he is not worried that this one can kill me like Vali, then it is a matter of surprise.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)