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अर्थिनामुपपन्नानां पूर्वं चाप्युपकारिणाम्।
आशां संश्रुत्य यो हन्ति स लोके पुरुषाधम:॥ ७१॥
अनुवाद
जो व्यक्ति बलवान और वीर लोगों को, जो पहले उसकी सहायता कर चुके हैं, आशा देता है और बाद में उसे तोड़ देता है, वह संसार के सभी मनुष्यों में सबसे नीच है। 71.
He who gives hope to those who are strong and valorous and who have already helped him, and then breaks it later, is the lowest of all men in the world. 71.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥