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ramayan 4.30.70: अतः हे लक्ष्मण, मेरी आज्ञा से किष्किन्धपुरी में जाकर विषय-भोगों में लिप्त मूर्ख वानरराज सुग्रीव से यह बात कहो।   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  4.30.70 
स किष्किन्धां प्रविश्य त्वं ब्रूहि वानरपुङ्गवम्।
मूर्खं ग्राम्यसुखे सक्तं सुग्रीवं वचनान्मम॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
अतः हे लक्ष्मण, मेरी आज्ञा से किष्किन्धपुरी में जाकर विषय-भोगों में लिप्त मूर्ख वानरराज सुग्रीव से यह बात कहो।
 
‘Therefore, Lakshmana, by my order, go to Kishkindapuri and say this to the foolish monkey king Sugreeva, who is engrossed in sensual pleasures.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)