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श्लोक  4.30.60 
अन्योन्यबद्धवैराणां जिगीषूणां नृपात्मज।
उद्योगसमय: सौम्य पार्थिवानामुपस्थित:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
हे सज्जन! हे राजकुमार! पृथ्वी के राजाओं के लिए, जो एक-दूसरे के प्रति शत्रुता रखते हैं और एक-दूसरे पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं, युद्ध के लिए प्रयत्न करने का समय आ गया है।
 
Gentle! O prince! The time has come for the kings of the earth, who are at enmity with each other and who wish to conquer each other, to make efforts for war. 60.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)