Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.30.50: दही मथने के लिए प्रयुक्त होने वाले बड़े-बड़े बर्तनों की ध्वनि और बैलों की ध्वनि, वेणु नामक वाद्य की ध्वनि के साथ मिलकर, प्रातःकालीन वायु द्वारा प्रवर्धित होकर, चारों ओर फैलती हुई, एक-दूसरे की पूरक प्रतीत होती हैं ॥ 50॥ | ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वेणुस्वरव्यञ्जिततूर्यमिश्र:
प्रत्यूषकालेऽनिलसम्प्रवृत्त:।
सम्मूर्छितो गर्गरगोवृषाणा-
मन्योन्यमापूरयतीव शब्द: ॥ ५ ०॥
अनुवाद
दही मथने के लिए प्रयुक्त होने वाले बड़े-बड़े बर्तनों की ध्वनि और बैलों की ध्वनि, वेणु नामक वाद्य की ध्वनि के साथ मिलकर, प्रातःकालीन वायु द्वारा प्रवर्धित होकर, चारों ओर फैलती हुई, एक-दूसरे की पूरक प्रतीत होती हैं ॥ 50॥
The sound of the huge pots used for churning curd and the sound of the bulls, mixed with the sound of the musical instrument expressed as the Venu and amplified by the morning breeze, spread all around, seem to be complementing one another. ॥ 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥