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दृष्ट्वा च विमलं व्योम गतविद्युद्बलाहकम्।
सारसारावसंघुष्टं विललापार्तया गिरा॥ ५॥
अनुवाद
उसने देखा कि आसमान साफ़ था। कहीं कोई गरज या बादल नहीं था। चारों तरफ़ सारसों की आवाज़ सुनाई दे रही थी। यह सब देखकर वह करुण स्वर में विलाप करने लगा।
He saw that the sky was clear. There was no thunder or cloud anywhere. The sound of the cranes could be heard everywhere. Seeing all this, he started wailing in a pitiful voice. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥