Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 4.30.29: इस समय शरद ऋतु के गुणों से संपन्न लक्ष्मी यद्यपि अनेक आश्रयों में विभक्त होकर विचित्र शोभा धारण करती हैं, तथापि सूर्य की प्रथम किरणों से विकसित हुए कमल वनों में उनकी शोभा सर्वाधिक होती है। | ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना । ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस समय शरद ऋतु के गुणों से संपन्न लक्ष्मी यद्यपि अनेक आश्रयों में विभक्त होकर विचित्र शोभा धारण करती हैं, तथापि सूर्य की प्रथम किरणों से विकसित हुए कमल वनों में उनकी शोभा सर्वाधिक होती है।
At this time, Lakshmi, endowed with the qualities of autumn, although divided into many shelters and wears a strange beauty, yet she is most beautiful in the lotus forests that have developed from the first rays of the sun.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥