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ramayan 4.30.23: राजकुमार! देखो, जो बादल अत्यन्त गम्भीर स्वर में गरजते हुए पर्वतों, नगरों और वृक्षों के ऊपर से गुजरे थे, वे अपना सारा जल बरसाकर शान्त हो गए हैं॥ 23॥   |   ramayan सर्ग 4.30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना   ।   ramayan काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 4: किष्किंधा काण्ड  »  सर्ग 30: शरद्-ऋतु का वर्णन तथा श्रीराम का लक्ष्मण को सुग्रीव के पास जाने का आदेश देना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  4.30.23 
दीर्घगम्भीरनिर्घोषा: शैलद्रुमपुरोगमा:।
विसृज्य सलिलं मेघा: परिशान्ता नृपात्मज॥ २३॥
 
 
अनुवाद
राजकुमार! देखो, जो बादल अत्यन्त गम्भीर स्वर में गरजते हुए पर्वतों, नगरों और वृक्षों के ऊपर से गुजरे थे, वे अपना सारा जल बरसाकर शान्त हो गए हैं॥ 23॥
 
Prince! Look, the clouds that roared in a very deep voice and passed over mountains, cities and trees, have become calm after raining all their water.॥ 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)